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प्रकाशक इस वर्ष 31 मई से पूर्व वार्षिक वि‍वरण जमा करें

 

             अपने क्रि‍या‑कलाप को आधुनि‍क एवं सुप्रवाही बनाने हेतु आर.एन.आई. एक व्‍यापक प्रक्रि‍या शुरू कर रही है । इस प्रक्रि‍या

 के अंतर्गत,उपलब्‍ध अभि‍लेखों और डाटाबेस को अद्यतन करने हेतु एक समयबद्व कार्यक्रम लागू कि‍या जा रहा है ।

 

           समाचारपत्रों और आवधि‍कों के प्रकाशकों को परामर्श दि‍या जाता है कि‍ वे वर्ष 2005‑2006 के वार्षिक वि‍वरण  इस वर्ष

 की 31 मई तक भारत के समाचारपत्रों के पंजीयक को जमा करें । वे सुनि‍श्‍चि‍त करें कि‍ वि‍वरण में दी गई सूचना हर प्रकार से सही

 और पूर्ण है । वार्षिक वि‍वरण का प्रारूप वेबसाइट  http:/rni.nic.in से डाउन लोड कि‍या जा सकता है ।

 

         ऐसे समाचारपत्र जि‍न्‍होंने गत छ: वर्षों के दौरान अपने वार्षिक वि‍वरण जमा नहीं कि‍ए हैं वे 31 मई तक अपनी  वि‍वरणी

जमा कर दें, ऐसा न करने पर मान लि‍या जाएगा कि‍ उन्‍होंने प्रकाशन बंद कर दि‍या है और आर.एन.आई. के अभि‍लेखों से उनके

नाम हटा दि‍ए जाऐंगे ।

 

        प्रेस और पुस्‍तक पंजीकरण अधि‍नि‍यम 1867( पी.आर.बी.एक्‍ट) की धारा 19(डी) के अंतर्गत वार्षिक वि‍वरण समाचारपत्रों

 के पंजीकरण के (केन्‍द्रीय) नि‍यम, 1956 में दि‍ए प्रपत्र(फार्म‑।।) में जमा करें ।  पी.आर.बी.एक्‍ट की धारा 19(के) के अधीन वार्षिक वि‍वरण

जमा न करने पर 500/‑रूपए तक का जुर्माना कि‍या जा सकता है । उक्‍त अधि‍नि‍यम की धारा 14 में यह भी कहा गया है कि‍ दण्‍डाधि‍कारी

 के समक्ष गलत बयानी के लि‍ए दोषसि‍द्वि‍ पर 2000/‑रूपए तक का जुर्माना तथा 6 महीनों तक कैद की सजा दी जा सकती है ।