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भारत के समाचारपत्रों के पंजीयक का कार्यालय

समाचारपत्र का पंजीयन

 

पी.आर.बी. अधि‍नि‍यम की धारा 5(5) के प्रावधानों के अनुसार, समाचारपत्र के प्रथम अंक के प्रकाशन के बाद समाचारपत्र को पंजीयन प्रमाणपत्र जारी करने के लि‍ए आर.एन.आई. को अनुरोध करना होगा । समाचारपत्रों/आवधि‍कों के पंजीयन के लि‍ए जांच सूची / दि‍शा नि‍र्देश नि‍म्‍नानुसार हैं:

1.    वांछि‍त दस्‍तावेज:

क.       .एन.आई. द्वारा जारी शीर्षक सत्‍यापन पत्र की छायाप्रति‍ ।

ख.      फार्म 1 में यथा नि‍र्धारि‍त डी एम/ए डी एम/डी सी पी/सी एम एम/एस डी एम द्वारा अधि‍प्रमाणि‍त घोषणापत्र की अनुप्रमाणि‍त प्रति‍ ।

ग.       वर्ष 1 तथा अंक 1 दर्शाने वाला प्रथम अंक ।

घ.      नि‍र्धारि‍त प्रपत्र (अनुलग्‍नक IV) में प्रकाशक द्वारा ‘ कोई वि‍देशी गठबंधन नहीं ’ संबंधी शपथपत्र ।

2.  यदि‍ मुद्रक तथा प्रकाशक अलग अलग हों अथवा प्रकाशन का स्‍थान तथा मुद्रण का स्‍थान दो ‍भि‍न्‍न मजि‍स्‍ट्रेट के अधि‍कार क्षेत्र में आते हो तो ऐसे मामले में अलग अलग घोषणा करनी होगी ।

3.  प्रकाशन के प्रथम अंक में वर्ष 1 तथा अंक 1, डेट लाइन, पृष्‍ठ सं. तथा पूरा शीर्षक आवरण पृष्‍ठ पर स्‍पष्‍ट रूप से दर्शाया जाना चाहि‍ए ।

4.  घोषणा के अधि‍प्रमाणन की तारीख से छह सप्‍ताह(दैनि‍क/साप्‍ताहि‍क के मामले में) तथा तीन महीने(अन्‍य आवधि‍कों के मामले में) के भीतर प्रकाशन कि‍या जाना चाहि‍ए ।

5.  5. इंप्रिं‍ट लाइन में प्रकाशक, मुद्रक, स्‍वामी, मुद्रण प्रेस के नाम के साथ पूरा पता, पूरे पते सहि‍त प्रकाशन का स्‍थान तथा संपादक का नाम नि‍हि‍त होना चाहि‍ए ।

यदि‍ दस्‍तावेज सभी तरह से पूर्ण पाए गए तथा प्रकाशन क्रम में है तो प्रेस पंजीयक समाचारपत्र के पूरे वि‍वरण की प्रवि‍ष्‍टि‍ अपने द्वारा अनुरक्षि‍त रजि‍स्‍टर में करेगा तथा प्रकाशक को पंजीयन प्रमाणपत्र जारी करेगा ।

                              

आर.एन.आई. पंजीयन अथवा संशोधि‍त पंजीयन प्रमाणपत्र जारी करने के लि‍ए अपूर्ण आवेदनों को स्‍वीकार नहीं करता है । पंजीयन अथवा संशोधि‍त पंजीयन प्रमाणपत्र के लि‍ए सभी लंबि‍त आवेदनों पर तभी वि‍चार कि‍या जाएगा जब सभी पूर्ण तथा सही दस्‍तावेज जमा कि‍ए गए हों ।

कृपया वांछि‍त दस्‍तावेज के लि‍ए नि‍म्‍न जांच सूची पर ध्‍यान दें:-

पंजीयन प्रमाणपत्र के लि‍ए:

क)       शीर्षक सत्‍यापन पत्र की प्रति‍ ।

ख)       वि‍धि‍वत् रूप से भरी तथा अधि‍प्रमाणि‍त घोषणापत्र की जि‍ला मजि‍स्‍ट्रेट/अति‍रि‍क्‍त  

         जि‍ला मजि‍स्‍ट्रेट इत्‍यादि‍ द्वारा अनुप्रमाणि‍त प्रति‍ ।

ग)       वि‍धि‍‍वत् रूप से भरा तथा नोटरी द्वारा प्रमाणि‍त ‘ कोई वि‍देशी गठबंधन नहीं ’ संबंधी शपथपत्र ।

घ)       दैनि‍की तथा साप्‍ताहि‍की के मामले में 42 दि‍नों के भीतर तथा पाक्षि‍क एवं इससे अधि‍क के मामले में 90 दि‍नों के भीतर प्रथम अंक का प्रकाशन ।  

        

ड.)                  प्रकाशन के नवीनतम अंक की प्रति‍ ।

संशोधि‍त पंजीयन प्रमाणपत्र के लि‍ए :

नि‍म्‍नलि‍खि‍त दस्‍तावेजों की जरूरत है जि‍नके आधार पर पंजीयन प्रमाणपत्र जारी कि‍या जाता है :

क)   भारत के समाचारपत्रों के पंजीयक के कार्यालय द्वारा जारी मूल पंजीयन प्रमाणपत्र तथा यदि‍ वह गुम हो गया तो उसे 5 रू के भारतीय पोस्‍टल आर्डर के साथ वि‍धि‍‍वत् रूप से भरा तथा नोटरी द्वारा प्रमाणि‍त प्रमाणपत्र गुम होने संबंधी शपथपत्र जमा करना होगा । and

       

       

ख)   वि‍धि‍‍वत् रूप से भरा तथा संबंधि‍त डी.एम/ए डी एम द्वारा अधि‍प्रमाणि‍त नवीनतम घोषणापत्र की अनुप्रमाणि‍त प्रति‍ ।

ग)   वि‍धि‍वत् रूप से भरा तथा नोटरी द्वारा प्रमाणि‍त ‘कोई वि‍देशी गठबंधन नहीं’ संबंधी शपथपत्र ।

घ)   प्रकाशन का नवीनतम अंक ।

नए / संशोधि‍त प्रमाणपत्र  

(क) शीर्षक (ख) भाषा (ग) आवधि‍कता (घ) स्‍वामि‍त्‍व (ड.) प्रकाशन का स्‍थान (च) मुद्रण का स्‍थान (छ) प्रकाशक तथा (ज) मुद्रक में कोई भी बदलाव होने पर नया घोषणापत्र दाखि‍ल करना होगा । संशोधि‍त पंजीयन प्रमाणपत्र के लि‍ए प्रेस पंजीयक को आवेदन करना अनि‍वार्य है । यदि‍ नए घोषणापत्र का आवेदन अन्‍य परि‍स्‍थि‍ति‍यों में कि‍या गया है तो संशोधि‍त प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है ।

वांछि‍त दस्‍तावेज नि‍म्‍नानुसार हैं:

(क)      बदलाव (वों) को दर्शाते हुए संबंधि‍त मजि‍स्‍ट्रेट इत्‍यादि‍ द्वारा यथा अधि‍‍प्रमाणि‍त नए घोषणापत्र की अनुप्रमाणि‍त छायाप्रति‍ ।

(ख)      प्रकाशन के प्रत्‍येक पृष्‍ठ पर छपी सही इंप्रिं‍ट लाइन, शीर्षक तथा डेट लाइन के साथ प्रकाशन के नवीनतम अंक की प्रति‍ ।

(ग)      आर.एन.आई. कार्यालय द्वारा जारी मूल पंजीयन प्रमाणपत्र ।

(घ)      यदि‍ मूल पंजीयन प्रमाणपत्र गुम, नष्‍ट, चोरी इत्‍यादि‍ हो गया है तो आर.एन.आई.के पक्ष में 5 रू के भारतीय पोस्‍टल आर्डर के साथ मजि‍स्‍ट्रेट द्वारा यथाहस्‍ताक्षरि‍त शपथपत्र ।

(ड.)      स्वामी के बदले जाने पर संबंधि‍त मजि‍स्‍ट्रेट द्वारा यथा अधि‍‍प्रमाणि‍त स्‍वामि‍त्‍व के संबंध में हस्‍तांतरण वि‍लेख की अनुप्रमाणि‍त छायाप्रति‍ भी जमा करवानी होगी ।

(च)       शीर्षक/भाषा में कि‍सी भी प्रकार के बदलाव की स्‍थि‍ति‍ में शीर्षक सत्‍यापन पत्र की प्रति‍ प्रस्‍तुत करनी होगी ।

(छ)       ‘ कोई वि‍देशी गठबंधन नहीं ’ संबंधी शपथपत्र ।

डुप्‍ली‍केट प्रमाणपत्र  

     जब मूल पंजीयन प्रमाणपत्र गुम, नष्‍ट अथवा चोरी हो गया हो तथा ऊपर उल्‍लि‍खि‍त कि‍सी प्रकार की परि‍स्‍थि‍ति‍यों में नए घोषणापत्र की जरूरत न हो तो ऐसी स्‍थि‍ति‍ में डुप्‍लीकेट पंजीयन प्रमाणपत्र जारी करने के लि‍ए एक अलग पृष्‍ठ में पूर्ण वि‍वरण सहि‍त प्रेस पंजीयक को आवेदन कर सकते हैं । कृपया नोट करें कि‍ यदि‍ प्रमाणपत्र गुम या चोरी हो गया है तो संबंधि‍त पुलि‍स प्राधि‍कारि‍यों को मामले की रि‍पोर्ट दर्ज करवाए जाने संबंधी पर्याप्‍त दस्‍तावेजी साक्ष्‍य अर्थात् प्रथम सूचना रि‍पोर्ट की प्रति‍ अथवा उनकी स्‍टाम्‍प/सील सहि‍त शि‍कायत की प्रति‍ दी जानी आवश्‍यक है । वांछि‍त दस्‍तावेज नि‍म्‍नानुसार हैं:

(क)    अपने हस्‍ताक्षर तथा कार्यालयी सील सहि‍त नोटरी अथवा संबंधि‍त मजि‍स्‍ट्रेट द्वारा यथाप्रमाणि‍त शपथपत्र ।

(ख)   संबंधि‍त मजि‍स्‍ट्रेट द्वारा यथाप्रमाणि‍त नवीनतम घोषणापत्र की अनुप्रमाणि‍त प्रति‍ ।

(ग)    सही इंप्रिं‍ट लाइन सहि‍त प्रकाशन के नवीनतम अंक की प्रति‍ ।

(घ)   आर.एन.आई. के पक्ष में 5 रू का भारतीय पोस्‍टल आर्डर ।

(ड)    कोई वि‍देशी गठबंधन नहीं " संबंधी शपथपत्र । "