भारत के समाचापत्रों के पंजीयक

पंजीयन डाटा खोज


पुरानी पंजीयन संख्‍या नई पंजीयन संख्‍या

                 

वर्ष 1998 तक आर.एन.आई. समाचारपत्रों के पंजीयन के लिए बिना किसी राज्‍य/भाषा कोड के ही पांच अंकों की पंजीयन संख्‍या का प्रयोग करती थी। प्रकाशक जिनके पास पंजीयन संख्‍या अर्थात् 12345/7777 है, वे केवल पुरानी पंजीयन संख्‍या वाले कॉलम में 12345 डाल सकते हैं।
वर्ष 1998 के बाद आर.एन.आई. समाचारपत्रों का पंजीयन राज्‍य/भाषा कोड के बाद पंजीयन का वर्ष के बाद पांच अंकों की संख्‍या अर्थात् ऊPःईण्/2002/07205/ऐसी पंजीयन संख्‍या वाले प्रकाशक पूर्ण पंजीयन संख्‍या डालें। आर.एन.आई. डाटा पाने के लिए अंत के पांच अंकों की शुरूआत में यदि शून्‍य है तो वह भी डालें।




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